Monday, February 14, 2022

जसूर: बिना हेलमेट और ट्रिप्पल राइडिंग वालों पर कसा शिकंजा

राकेश शर्मा (समाचार-हिमाचल) 14 फ़रवरी 2022 
प्रमुख व्यापारिक कस्वा जसूर में सोमवार को पुलिस ने यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के चालान काट कर 4500 रुपये जुर्माना बसूल किया। वहीँ लोगों को यातायात नियमों की पालना करने के लिए जागरुक भी किया गया। 
ट्रैफिक इंचार्ज अशोक ठाकुर ने जानकारी देते हुए पुलिस ने थाना क्षेत्र नूरपुर के तहत प्रमुख व्यापारिक कस्वा जसूर में नाका लगाया था, नाके के दौरान यातायात नियमों की उल्लंघना करने वाले दोपहिया वाहन चालकों के बिना हैलमेट और ट्रिपल राइडिंग के चालान काटे गए। पुलिस द्वारा 12 चालान किए गए और 4500  रुपये जुर्माना बसूल किया गया। पुलिस का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहने। 

Sunday, February 13, 2022

755 को मिलेगा रोज़गार, उद्योग विभाग द्वारा 70 करोड़ निवेश वाली 33 इकाइयां स्वीकृत: राकेश प्रजापति

(समाचार-हिमाचल) 12 फरवरी 2022

उद्योग विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति ने आज यहां बताया कि विभाग ने गत सायं को हुई राज्य स्तरीय समिति की आठवीं बैठक में 33 नये मामलों को स्वीकृति प्रदान की, जिनमें 11 औद्योगिक एवं 22 पर्यटन इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 70 करोड़ के निवेश वाली इन इकाइयों को विभाग द्वारा 20.25 करोड़ रुपये का उपदान प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों से राज्य के 755 व्यक्तियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने औद्योगिक विकास योजना की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय समिति की पिछली सात बैठकों में 168.65 करोड़ रुपये के 118 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस औद्योगिक विकास योजना में केन्द्रीय पूंजी, ऋण प्राप्ति के लिए निवेश प्रोत्साहन (सी.सी.आई.आई.ए.सी.) 30 प्रतिशत की दर पर तथा निवेश संयंत्र और मशीनरी में पांच करोड़ रुपये की ऊपरी सीमा तक के निवेश वाली इकाइयां शामिल है। योजना के तहत सभी पात्र औद्योगिक इकाइयां तथा मौजूदा इकाइयां शत-प्रतिशत बीमा प्रीमियम की प्रतिपूर्ति के लिए पात्र होगी।



Saturday, February 12, 2022

अगर मांगे नहीं मानी तो सरकार की राह मुश्किल करेंगे सेवानिवृत्त कर्मचारी

राकेश शर्मा (समाचार-हिमाचल) 12 फरवरी 2022 

पठानिया ने कहा कि इसमें एक मांग निगम प्रबंधन द्वारा पूरी कर दी गई है। जिसमें मई 2021 से दिसंबर 2021 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पेंशन जारी कर दी गई है। इन कर्मचारियों की संख्या 192 है व अक्तूबर 2021 तक पीपीओ जारी हो गए हैं। इसी माह 28 फरवरी 2022 से पहले दिसंबर 2021 तक के पीपीओ जारी हो जाएंगे। बाकी मांगों के ऊपर चर्चा चली हुई है। 
कृपाल पठानिया ने कहा कि उपरोक्त एक मांग मानी गई है कल्याण मंच इसका सरकार का धन्यवाद करते हुए सरकार को आगाह करता है की यदि उपरोक्त वाकी मांगे 14 फरवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में नहीं मानी गई तो सरकार को घेरने की आगामी रणनीति के लिए 19 फरवरी को मंच की प्रदेश स्तरीय बैठक बिलासपुर में की जाएगी। 
इस मौके पर कृपाल पठानिया (उपाध्यक्ष कल्याण मंच), शाम सिंह (महासचिव), चमन पुंडीर, जोगिंदर पठानिया, पूर्ण चंद, निर्मल सिंह, नसीब सिंह, मनोहर लाल, साली ग्राम, सुरेश चंद, हरबंस लाल, किशोरी लाल धनोटिया, संसार सिंह, ओंकार सिंह, रवि चंद, बंसी लाल सहित अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारी मौजूद रहे।


Friday, February 11, 2022

एन.डी.पी.एस. अधिनियम के अन्तर्गत अनियमितताओं के चलते दो फर्मों के लाइसेंस निलंबित

(समाचार हिमाचल) 11 फरबरी 2022
राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा जिला सिरमौर स्थित दो फ़र्मों द्वारा एन.डी.पी.एस. अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उत्पाद तैयार न करने एवं बिक्री में अनियमितताएं पाये जाने के कारण दो फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनके एमडी-6 लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त फर्मों द्वारा एन.डी.पी.एस. अधिनियम के अन्तर्गत बनाए गए प्रावधानों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा था जिसके तहत उपरोक्त फर्माे के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की गई है।
आबकारी आयुक्त ने बताया कि इसके अतिरिक्त, विभाग ने जिला हमीरपुर में दो लाइसेंसियों की अवैध शराब के कारोबार में संलिप्तता पाये जाने के कारण उनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए उनकी हमीरपुर स्थित 13 दुकानों को सील कर उनके लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। वहीं जिला कांगड़ा में भी निरीक्षण के दौरान दुकान में अवैध शराब मिलने पर लाईसेंसी की दुकान को सील किया गया है। इस संदर्भ में नियमानुसार आगामी कार्यवाही की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग अवैध शराब का कारोबार करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कार्रवाई जारी रखेगा।

Wednesday, February 9, 2022

🔴हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय | रात्रि कर्फ्यू, शादियों अन्य समारोहों पर बड़े फैसले


मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और खनिज (अवैध खनन, उसके परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियम, 2015 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, ताकि सड़कों व सुरक्षा दिवारों के निर्माण, डंगों की सोलिंग इत्यादि में लघु खनिज पदार्थों का सर्वोत्कृष्ट उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इससे विशेष तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के लिए पत्थर और रेत जैसे खनिज पदार्थों की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
बैठक में कोविड-19 महामारी के कारण लागू नाइट कर्फ्यू हटाने का भी निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, सभी बाहरी एवं आंतरिक स्थलों में सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और अन्य समारोहों, जिसमें विवाह एवं अंतिम संस्कार इत्यादि शामिल हैं, में 50 प्रतिशत क्षमता तक लोगों के शामिल होने की भी अनुमति प्रदान की गई। 

Tuesday, February 8, 2022

व्यापारिक कस्वा जसूर में पुलिस ने काटे चालान: बसूला 3 हज़ार रुपये जुर्माना

राकेश शर्मा (हिमाचलविज़िट) 08 फरबरी 2022 
प्रमुख व्यापारिक कस्वा जसूर में मंगलवार को पुलिस ने यातायात नियमों की उल्लंघना करने वाले वाहन चालकों के चालान काट कर 3 हज़ार रुपये जुर्माना बसूल किया। एसपी कांगड़ा के दिशानिर्देश अनुसार यातायात नियमों की उल्लंघना करने वालों के चालान काटे गए। 
पुलिस ने थाना क्षेत्र नूरपुर के तहत प्रमुख व्यापारिक कस्वा जसूर में नाका लगाया था, नाके के दौरान यातायात नियमों की उल्लंघना करने वाले दोपहिया वाहन चालकों के बिना हैलमेट ओर ट्रिपल राइडिंग के चालान काटे गए। पुलिस द्वारा 7 चालान किए गए और 3 हज़ार रुपये जुर्माना बसूल किया गया। पुलिस का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहने। 
इस मौके पर ट्रैफिक इंचार्ज अशोक ठाकुर, नरेश कुमार, सुनील कुमार व राहुल आदि मौजूद रहे।

Monday, February 7, 2022

बरण्डा में बिना किसी सरकारी सहायता के लोगों ने खुद बना डाला रास्ता: रणवीर निक्का ने भी किया सहयोग

राकेश शर्मा (समाचार हिमाचल) 07 फरबरी 2022 
हमने मंत्री से लेकर विधायक और प्रशासन तक हर दरवाजा खटखटाया लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। यह कहना है विकासखंड नूरपुर की वरंडा पंचायत के निवासियों का। जहाँ सोमवार को प्रमुख समाजसेवी व भाजपा संगठन महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने लोगों द्वारा बिना किसी सरकारी सहायता के अपने बूते वनाए पंचायत घर से जाट मौहल्ला बलखौटा नागनी माता रास्ते का उद्घाटन किया। इस रास्ते के उद्धार के लिए निक्का ने भी 51 हज़ार रूपये की राशि का सहयोग गांव वासियों को दिया।  
लोगों का कहना है कि गांव वासियों को रास्ता खराब होने की बजह से भारी परेशानियों  सामना करना पड़ रहा था, खासकर बजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को खासी परेशानी पेश आ रही थी। इस रास्ते को ठीक करवाने के लिए हम स्थानीय विधायक और मंत्री के पास भी गये, उन्होंने हमें आश्वासन भी दिया कि हम जल्द ही इस रास्ते के लिए पंचायत में राशी भेज देंगे। लेकिन दुःख की बात है की ऐसा हुआ नहीं। हमने मीडिया के माध्यम से भी रोष प्रकट किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में गांव के नरेंद्र शर्मा ने अन्य गांववासियों के साथ मिल कर प्रण लिया कि अगर प्रशासन और सरकार इस रास्ते नहीं बनाएगा तो हम खुद ही अपने दम पर इस रास्ते को बनवा लेंगे। 
गांव के बुजुर्ग व पूर्व वार्ड मेम्बर होशियार सिंह ने कहा कि हमने जिनको वोट देकर चुना उनके पास भी कई बार इस रास्ते को ठीक करवाने के लिए गुहार लगाई लेकिन किसी नहीं सुनी। हम मौजूदा विधायक और मंत्री के पास भी अपनी समस्या को लेकर गए तो उन्होंने पांच लाख रुपया देने का आश्वासन दिया और हमें एक कमेटी बनाने के लिए कहा। उनके कहे अनुसार हमने कमेटी भी बना ली लेकिन रास्ते को ठीक करने  के लिए पैसे नहीं आए। ऐसे में हम गांव वासियों ने मिलकर इस रास्ते को खुद आपसी सहयोग व कुछ अन्य समाजसेवियों के सहयोग से बना लिया है।
वहीँ इस मौके पर रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि पंचायत घर से जाट मौहल्ला बलखौटा नागनी माता का रास्ता जो काफी समय से खराब था जगह जगह पर खड्डे पड़े हुए थे व पानी खड़ा रहता था। यहां से 100-120 के करीब घरों के लोगों को आने जाने की दिक्कत रहती थी। इस समास्या को लेकर गांव वासी हर जगह पंचायत, प्रशासन, मंत्री विधायक के पास गुहार लगा चुके थे तथा मीडिया में भी यह मामला उजागर हुआ पर किसी ने भी सुध नहीं ली।  समाजसेवी व भाजपा संगठन महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि कुछ समय पहले मीडिया के माध्यम से यह खबर हमारे पास पहुंची तो मैने नरेंद्र सोनू से सम्पर्क किया तथा इन्हें कहा कि हम भी इस काम के लिए सहयोग करना चाहते हैं और आज इस रास्ते को लोगों समर्पित करने का सौभाग्य मुझे मिला है, इसके लिए मैं इन सब का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने वोट देकर नेता चुना है उसका फर्ज बनता है कि लोगों की समास्याओं को हल करे।  


Sunday, February 6, 2022

आगामी विधानसभा चुनावों में शिवसेना भी ठोकेगी ताल

राकेश शर्मा (समाचार हिमाचल) 06 फरबरी 2022 
शिव सेना हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने 25 से 30 प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। इसके लिए बाकायदा उम्मीदवारों के नाम पदाधिकारियों के पास पहुंचा दिए गए हैं, जिनपर जल्द फैसला लिया जाएगा। यह बात रविवार को नूरपुर में शिवसेना के प्रदेश अध्यक्ष शिव दत्त बशिष्ठ ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में लगभग एक दर्जन लोगों के नाम सौंपे गए हैं जिनपर अंतिम निर्णय हाईकमान द्वारा लिया जाएगा। 
इस मौके पर शिव सेना प्रदेश कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। जिसमें अंकुश शर्मा को प्रदेश सचिव, जोगिंदर शर्मा को जिला कांगड़ा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष अजय सोंधी ने बताया कि पार्टी प्राथमिक तौर पर अपना विस्तार करेगी साथ ही जन ,समस्याओं को सुनकर लोगों को तीसरा विकल्प चुनने का मौका देगी। उन्होंने बताया कि शिव सेना प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, शिक्षा आदि मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज निशा माफिया हावी है लेकिन दोनों ही संगठन आंखें मूंदे हुए हैं और कोई भी ठोस कार्रवाई नशा माफिया पर नहीं की। 
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस और भाजपा ने नशा माफिया पर कठोर कार्रवाई नहीं की तो शिवसेना मजबूरन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी।इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष अजय सोंधी,आरती सोनी(प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग), प्रदेश उपाध्यक्ष जसवन्त कटोच,ठाकुर भाग सिंह(प्रदेश महासचिव),पंकज कौशल,जोगिंद्र शर्मा, अंकुश शर्मा, राजू,जय दत्ता, रविन्द्र बिंदी,बलवीर बिल्ला,रेखा देवी सहित शिव सेना वाल ठाकरे के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Friday, February 4, 2022

जानिए: किनके लिए की मुख्यमंत्री ने अनुदान राशि में बढ़ोतरी की घोषणा

(समाचार हिमाचल) 04 फरबरी 2022
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज धर्मशाला में आयोजित हिमाचल प्रदेश अनुसूचति जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनुसूचित जाति से सम्बन्धित परिवारों को उपकरणों की खरीद पर अनुदान राशि 1300 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये और सिलाई मशीनों की खरीद के लिए अनुदान राशि 1800 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने की घोषणा की, ताकि इन समुदायों के लोगों को सुविधा प्रदान की जा सके। उन्होंने संविधान निर्माता के सम्मान में प्रत्येक जिला में एक पुस्तकालय का नाम डाॅ. भीम राव अम्बेडकर पुस्तकालय करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग का उत्थान और उनका सामाजिक-आर्थिक विकास प्रदेश सरकार का मुख्य ध्येय रहा है और केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा इन वर्गों के लिए प्रारम्भ की गई कल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ प्रदान करना राज्य सरकार की उच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी को मिले इसके लिए एक पारदर्शी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति परिवारों से बीपीएल के चयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अम्बेडकर भवनों का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक 51 भवन निर्मित हो चुके हैं और शेष का निर्माण कार्य विभिन्न स्तरों पर पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर भवनों का समुचित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह भवन इस समुदाय के लिए बहुउपयोगी हैं। उन्होंने इन भवनों के प्रबन्धन के लिए स्थानीय स्तर पर तंत्र विकसित करने का भी सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं की समुचित सहभागिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत बैकलाॅग पद भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान प्रारम्भ किया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समुदायों के प्रति अत्याचार के मामलों में पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य अनुसूचित जाति निगम इन समुदायों के युवाओं को स्वरोजगार परियोजनाएं प्रारम्भ करने के लिए अनुदानित दरों पर ऋण उपलब्ध करवा रहा है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों में हर सम्भव सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कृत्तसंकल्प है। इन गांवों में पेयजल, रास्तों के निर्माण और स्ट्रीट लाइट इत्यादि लगाने के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए निर्धारित वार्षिक आय की सीमा 35 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से कमजोर वर्गों के और अधिक परिवारों को इन योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सकेगा।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि समाज का प्रत्येक वर्ग भाईचारे की भावना से रहे क्योंकि इसी से समाज, प्रदेश और देश की उन्नति होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में किसी भी समुदाय के खिलाफ किसी भी प्रकार का भेदभाव सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार के फलस्वरूप भेदभाव के मामलों में दिन-प्रतिदिन कमी आ रही है। उन्होंने अधिकारियों को अनुसूचित जाति बहुल्य गांवों की विकासात्मक मांगों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में 60 यूनिट तक बिजली खपत पर शून्य बिजली बिल की घोषणा की है, जिससे अधिकतम लाभ अनुसूचित जाति समुदाय को हो रहा है। उन्होंने बहुमूल्य सुझावों के लिए बोर्ड के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चैधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में वर्तमान प्रदेश सरकार राज्य के अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनेक कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों को सामाजिक सुरक्षा पैंशन प्रदान करने के लिए 929 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।
इस अवसर पर प्रधान सचिव आर.डी. नजीम ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया तो निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विवेक भाटिया ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों ने भी इस अवसर पर अपने बहुमूल्य विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने अनुसूचित जाति समुदाय के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं प्रारम्भ करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्य सचेतक एवं विधायक विक्रम जरयाल, धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया, निदेशक ग्रामीण विकास ऋग्वेद ठाकुर, उपायुक्त डाॅ. निपुण जिन्दल इस अवसर पर धर्मशाला में तथा अन्य उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

Wednesday, February 2, 2022

हिमाचल प्रदेश बजट 2022-23: आप भी दे सकते हैं सुझाव

(समाचार हिमाचल) 02 फरबरी 2022 


जैसा कि आगामी माह वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए हिमाचल प्रदेश का बजट पेश किया जाएगा। यह बजट आमजन को राहत प्रदान करने वाला होना चाहिए, इसी दृष्टि से प्रदेश सरकार ने आमजन से बजट बनाने हेतु सुझाव आमंत्रित किए हैं। यह बजट कैसा हो या होना चाहिए इस संबंध में आप भी अपने कीमती सुझाव आगामी 15 फरवरी तक नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर के भेज सकते हैं।


राज्य में शीघ्र होगी आशा सेवा प्रदाताओं की नियुक्तिः डाॅ. राजीव सैजल

(समाचार हिमाचल) 02 फरबरी 2022
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में आशा कार्यकर्ता राज्य सरकार और समाज को बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं और राज्य सरकार उन्हें सभी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। वह आज यहां आशा कार्यकर्ताओं की विभिन्न मांगों पर चर्चा और उनके समाधान के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 7500 आशा कार्यकर्ता सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के अलावा स्वास्थ्य जागरूकता के बारे में जमीनी स्तर तक जनता में जागरूकता लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्य सरकार उनका कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सदैव संवेदनशील रही है और उनसे संबंधित विभिन्न मुद्दों को भविष्य में भी भारत सरकार के साथ उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आशा सेवा प्रदाताओं की नियुक्ति के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह निर्णय समय पर मासिक प्रोत्साहन राशि जारी करने की उनकी मांग को पूरा करने में काफी मददगार साबित होगा।
डाॅ. सैजल ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप आशा कार्यकर्ताओं को कोविड-19 प्रोत्साहन राशि के रूप में 1500 रुपये प्रदान करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें यात्रा भत्ते की सुविधा प्रदान करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और उन्हें दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार के साथ भी मामला उठाया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें ईपीएफ के दायरे में कवर करने की संभावना तलाशने के लिए केंद्र के साथ भी मामला उठाया जाएगा, हालांकि उन्हें हमेशा ही राज्य सरकार की मुख्यमंत्री हिमकेयर योजना के तहत कवर किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इस पहाड़ी राज्य के लिए एक विशेष मामले के रूप में उनके वर्दी भत्ते को 600 रुपये से बढ़ा 1100 रुपये कर दिया गया है। यह राज्य सरकार के प्रयासों से ही सम्भव हो पाया है।
सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी ने भी राज्य में आशा कार्यकर्ताओं की सेवाओं की सराहना की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सदैव ही सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। वहीं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश हेमराज बैरवा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
आशा कार्यकर्ता संघ की अध्यक्षा अनीता कुमारी और महासचिव आशा लता ने पिछले चार वर्षों के दौरान उनके कल्याण के लिए विभिन्न कदम उठाने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा, कार्यकारी अध्यक्ष धाबे राम, महासचिव यशपाल हेटा, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर और आशा कार्यकर्ता संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
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Tuesday, February 1, 2022

केंद्रीय बजट 2022-23 की मुख्य बातें

(समाचार हिमाचल) 01 फरबरी 2022 

केंद्रीय बजट 2022-23 की मुख्य बातें





केंद्रीय बजट में सूक्ष्म आर्थिक स्तर पर सभी समेकित कल्याण पर ध्यान देने के साथ बृहद आर्थिक स्तर वृद्धि पर जोर देने की कल्पना की गई है। केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश किया।

बजट की मुख्य बातें निम्न हैं -

  • भारत की आर्थिक वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत अनुमानित है, जो सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है।
  • 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत 60 लाख नए रोजगार का सृजन होगा।
  • पीएलआई योजना में 30 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है।
  • अगले 25 साल भारत@100 के अमृत काल में प्रवेश करते हुए बजट में 4 प्राथमिकताओं में विकास पर जोर दिया गया हैः
  • पीएम गतिशक्ति
  • समेकित विकास
  • उत्पाद संवर्धन एवं निवेश, सनराइज अवसर, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु कार्य
  • निवेश को वित्तीय मदद

पीएम गतिशक्तिः

पीएम गतिशक्ति को बढ़ावा देने वाले 7 कारक  सड़क, रेल मार्ग, हवाई मार्ग, विमानपत्तन, माल परिवहन, जल मार्ग और लॉजिस्टिक अवसंरचना हैं।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान

  • पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के दायरे में आर्थिक बदलाव के सभी 7 कारक, निर्बाध बहुपक्षीय कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक के दायरे में आ जाएंगे।
  • राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन में इन 7 कारकों से जुड़ी परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति फ्रेमवर्क से जोड़ दिया जाएगा।

सड़क परिवहन

  • राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 2022-23 में 25000 किलोमीटर का विस्तार दिया जाएगा।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में विस्तार के लिए 20000 रुपए जुटाए जाएंगे।

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क

  • 2022-23 में 4 स्थानों पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने के लिए पीपीपी प्रारूप के जरिए संविदाएं प्रदान की जाएंगी।

रेल मार्ग

  • स्थानीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ाने के लिए एक स्टेशन एक उत्पाद की संकल्पना।
  • 2022-23 में देसी विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी और क्षमता वृद्धि कवच के तहत रेल मार्ग नेटवर्क में 2000 किलोमीटर जोड़ा जाएगा।
  • अगले 3 साल के दौरान 400 उत्कृष्ट वंदे भारत रेलगाड़ियों का निर्माण होगा।
  • अगले 3 साल के दौरान मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक के लिए 100 पीएम गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएंगे।

पर्वतमाला

  • राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम, पर्वतमाला को पीपीपी प्रारूप में लाया जाएगा।
  • 2022-23 में 60 किलोमीटर लंबी 8 रोपवे परियोजनाओं के लिए संविदाएं प्रदान की जाएंगी।

समेकित विकास

कृषि

  • गेहूं और धान की खरीद के लिए 1.63 करोड़ किसानों को 2.37 लाख करोड़ रुपए का सीधा भुगतान।
  • देशभर में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। शुरू में गंगा नदी से सटे 5 किलोमीटर की चौड़ाई तक के गलियारे वाले किसानों की जमीनों पर ध्यान दिया जाएगा।
  • नाबार्ड कृषि और ग्रामीण उद्यम से जुड़े स्टार्टप्स को वित्तीय मदद के लिए मिश्रित पूंजी कोष की सुविधा देगा।
  • फसलों के आकलन, भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, कीटनाशकों एवं पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए किसान ड्रोन।

 

  • केन बेतवा परियोजना
  • केन-बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 1400 करोड़ परिव्यय।
  • केन-बेतवा लिंक परियोजना से किसानों की 9.08 लाख हेक्टेयर जमीनों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

एमएसएमई

  • उद्यम, ई-श्रम, एनसीएस और असीम पोर्टलों को आपस में जोड़ा जाएगा।
  • 130 लाख एमएसएमई को इमरजेंसी क्रेडिट लिंक्ड गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत अतिरिक्त कर्ज दिया गया।
  • ईसीएलजीएस को मार्च 2023 तक बढ़ाया जाएगा।
  • ईसीएलजीएस के तहत गारंटी कवर को 50000 करोड़ रुपए बढ़ाकर कुल 5 लाख करोड़ कर दिया जाएगा।
  • सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के तहत 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त क्रेडिट दिया जाएगा।
  • रेजिंग एंड एसिलेरेटिंग एमएसएमई परफोर्मेंस (आरएएमपी) प्रोग्राम 6000 करोड़ रुपए के परिव्यय से शुरू किया जाएगा।

कौशल विकास

  • ऑनलाइन प्रशिक्षण के जरिए नागरिकों की कुशलता बढ़ाने के लिए डिजिटल इकोसिस्टम फॉर स्किलिंग एंड लिवलीहुड (डीईएसएच-स्टैक ई-पोर्टल) लॉन्च किया जाएगा।
  • ड्रोन शक्ति की सुविधा और सेवा के रूप में ड्रोन (डीआरएएएस) के लिए स्टार्टप्स को बढ़ावा दिया जाएगा।

शिक्षा

  • पीएम ई-विद्या के एक कक्षा एक टीवी चैनल कार्यक्रम को 200 टीवी चैनलों पर दिखाया जाएगा।
  • महत्वपूर्ण चिंतन कौशल और प्रभावी शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने के लिए वर्चुअल प्रयोगशाला और कौशल ई-प्रयोगशाला की स्थापना।
  • डिजिटल शिक्षकों के माध्यम से पढ़ाई के लिए उच्च गुणवत्ता वाली ई-कंटेंट विकसित किया जाएगा।
  • व्यक्तिगत तौर पर पढ़ाई करने के लिए विश्व स्तरीय शिक्षा के लिए डिजिटल विश्व विद्यालय की स्थापना की जाएगी।

स्वास्थ्य

  • राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम के लिए खुला मंच शुरू किया जाएगा।
  • गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखरेख सेवाओं के लिए राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
  • 23 टेली मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों का एक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसका नोडल सेंटर निम्हांस (एनआईएमएचएएनएस) होगा और अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान बेंगलुरू (आईआईआईटीबी) इसे प्रौद्योगिकी सहायता देगा।

सक्षम आंगनबाड़ी

  • मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के जरिए महिलाओं और बच्चों को एकीकृत लाभ प्रदान किए जाएंगे।
  • दो लाख आंगनवाडि़यों को सक्षम आंगनवाडि़यों में उन्‍नयन 

 

हर घर,  नल से जल

  • हर घरनल से जल के तहत वर्ष 2022-23 में 3.8 करोड़ परिवारों को शामिल करने के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

 

सभी के लिए आवास

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 80 लाख घरों को पूरा करने के लिए 48 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

 

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री की विकास पहल

  • पूर्वोत्‍तर में बुनियादी ढांचे एवं सामाजिक विकास परियोजनाओं और वित्‍त पोषण के लिए नई योजना पीएम-डीईवीआईएनई शुरू की गई।
  • इस योजना के तहत युवा और महिलाओं को आजीविका गतिविधियों में समर्थ बनाने के लिए 1500 करोड़ रुपये का शुरूआती आवंटन।

 

जीवंत ग्राम कार्यक्रम

  • उत्‍तर सीमा पर छिटपुट आबादीसीमित सम्‍पर्क और बुनियादी ढांचे वाले सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए जीवंत ग्राम कार्यक्रम।

 

बैंकिंग

  • शत-प्रतिशत 1.5 लाख डाकघरों को मुख्‍य बैंकिंग प्रणाली में शामिल किया जाएगा।
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक 75 जिलों में 75 डिजि‍टल बैंकिंग इकाइयां (डीबीयू) स्‍थापित करेंगे।

 

ई-पासपोर्ट

  • इम्‍बेडेड चिप और भावी प्रौद्योगिकी वाले ई-पासपोर्ट शुरू किए जाएंगे।

 

शहरी नियोजन

  • भवन उपनियमों शहरी नियोजन योजना, पारगमन उन्‍मुखी विकास का आधुनिकीकरण लागू किया गया जाएगा।
  • शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्‍टेशन स्‍थापित करने के लिए बैट्री अदला-बदला नीति लाई जाएगी।

 

भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन

  • भूमि के रिकॉर्ड के आईटी आधारित प्रबंधन के लिए विशिष्‍ट भूमि पार्सल पहचान संख्‍या।

 

त्‍वरित कॉरपोरेट बहिर्गमन

  • कंपनियों को तेजी से बंद करने के लिए सेन्‍टर फॉर प्रोसेसिंग एक्सिलरेटिड कॉरपोरेट एक्जिट (सी-पीएसी) स्‍थापित।

 

एवीजीसी संवर्द्धन कार्य बल

  • इस क्षेत्र की संभावना का पता लगाने के लिए एक एनीमेशन, विजुअल प्रभाव, गेमिंग और कॉमिक (एवीजीसी) संवर्द्धन कार्य बल की स्‍थापना।

 

दूरसंचार क्षेत्र

  • उत्‍पादन से जुड़ी प्रोत्‍साहन योजना के एक हिस्‍से के रूप में 5जी के लिए एक मजबूत इको-सिस्‍टम स्‍थापित करने के लिए डिजाइन जनहित विनिर्माण के लिए योजना।

 

निर्यात संवर्द्धन

  • उद्यम एवं सेवा केन्‍द्रों के विकास में भागीदारी बनने के लिए राज्‍यों को समर्थ बनाने हेतु विशेष आर्थिक जोन अधिनियम को एक नए विधान से प्रतिस्‍थापित किया जाएगा।

 

रक्षा में आत्‍मनिर्भरता

  • 2022-23 में घरेलू उद्योग के लिए निर्धारित पूंजीगत खरीदारी बजट का 68 प्रतिशत निर्धारित किया गया, जो 2021 में 58 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है।
  • 25 प्रतिशत रक्षा अनुसंधान विकास बजट के साथ उद्योग स्‍टार्टअप्‍स और शिक्षा के लिए रक्षा अनुसंधान विकास खोला जाएगा।
  • जांच और प्रमाणीकरण जरूरतों को पूरा करने के लिए स्‍वतंत्र नोडल अम्‍ब्रेला निकाय स्‍थापित किया जाएगा।

 

सनराइज अवसर

  • आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, भू-स्‍थानिक प्रणालियों और ड्रोनों, सेमीकंडक्‍टर और इसके इको-सिस्‍टम अंतरिक्ष अर्थव्‍यवस्‍था, जीनोमिक्‍स और फार्मास्‍युटिकल्‍स हरित ऊर्जा और स्‍वच्‍छ गतिशीलता प्रणालियों जैसे सनराइज अवसरों में अनुसंधान और विकास के लिए सरकारी योगदान उपलब्‍ध कराया जाएगा।

 

ऊर्जा पारगमन और जलवायु कार्रवाई

  • वर्ष 2030 तक स्‍थापित सौर विद्युत का 280 गीगावॉट लक्ष्‍य हासिल करने के लिए उच्‍च दक्षता के सौर मॉड्यूल्‍स के निर्माण के लिए उत्‍पादन से जुड़े प्रोत्‍साहन के लिए 19,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त आवंटन।
  • ताप‍ विद्युत संयंत्रों में 5 से 7 प्रतिशत बायोमास पैलेट्स फॉयर किए जाएंगे।
  • वार्षिक रूप से 38 एमएमटी कार्बनडाई ऑक्‍साइड की बचत।
  • किसानों के लिए अतिरिक्‍त आय और स्‍थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर।
  • खेतों में पराली जलाने से रोकने में मदद मिलेगी।

कोयला गैसीकरण करने तथा उद्योग के लिए कोयले को रसायनों में परिवर्तित करने के लिए चार पायलट परियोजनाओं की स्‍थापना की जाएगा।

 

कृषि वानिकी अपनाने वाले अनुसूचित जाति और जनजातियों से संबंधित किसानों को वित्‍तीय सहायता।

 

सार्वजनिक पूंजीगत निवेश

  • 2022-23 में निजी निवेश और मांग को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक निवेश को जारी रखना।
  • वर्ष 2022-23 में पूंजीगत व्‍यय के लिए परिव्‍यय 35.4 प्रतिशत तेजी से बढ़कर 7.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गयाजो मौजूदा वर्ष में 5.54 लाख करोड़ रुपये था।  
  • वर्ष 2022-23 में परिव्‍यय सकल घरेलू उत्‍पाद का 2.9 प्रतिशत रहेगा।
  • केन्‍द्र सरकार का प्रभावी पूंजीगत व्‍यय 2022-23 में 10.68 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान हैजो जीडीपी का लगभग 4.1 प्रतिशत है।

 

जीआईएफटी-आईएफएससी 

  • जीआईएफटी शहर में विश्‍वस्‍तरीय विदेशी विश्‍वविद्यालयों और संस्‍थानों को अनुमति दी जाएगी।
  • अंतर्राष्‍ट्रीय अधिकांश क्षेत्र के तहत विवादों के समय पर निपटान के लिए एक अंतर्राष्‍ट्रीय मध्‍यस्‍थता केन्‍द्र की स्‍थापना की जाएगी।

 

संसाधनों को जुटाना 

  • डेटा केन्‍द्रों और ऊर्जा भंडार प्रणालियों को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया जाएगा।
  • उद्यम पूंजी और निजी इक्विटी ने पिछले साल 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया और एक सबसे बड़े स्‍टार्टअप और विकास इको-सिस्‍टम में सुविधा प्रदान की। इस निवेश को बढ़ाने के लिए उपाय किये जा रहे हैं।
  • सनराइज क्षेत्रों के लिए बलेंडिंड निधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • हरित बुनियादी ढांचे के लिए संसाधन जुटाने के लिए सॉवरिन ग्रीन बॉण्‍ड जारी किए जाएंगे1

 

डिजिटल रूपया

  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रूपए की शुरूआत 2022-23 में की। 

 

राज्‍यों को वृहद राजकोषीय स्‍पेस उपलब्‍ध कराना

  • पूंजीगत निवेश के लिए राज्‍यों को वित्‍तीय सहायता की योजना के लिए अधिक परिव्यय :
  • यह परिव्‍यय बजट अनुमानों में 10 हजार करोड़ रुपये थाजो वर्तमान वर्ष के लिए संशोधित अनुमानों में 15 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया।

 

अर्थव्‍यवस्‍था में समग्र प्रोत्‍साहन के लिए राज्‍यों को सहायता के लिए वर्ष 2022-23 में एक लाख करोड़ रुपये का आवंटन, 50 वर्षीय ब्‍याज मुक्‍त ऋण प्रदान करनाजो सामान्‍य ऋण के अतिरिक्‍त है।

2022-23 में राज्‍यों को जीएसडीपी के 4 प्रतिशत का वित्‍तीय घाटे की अनुमति होगीजिसका 0.5 प्रतिशत विद्युत क्षेत्र सुधारों में उपयोग किया जाएगा।

 

राजकोषीय प्रबंधन

बजट अनुमान 2021-22 : 34.83 लाख करोड़ रुपये

संशोधित अनुमान 2021-22 : 37.70 लाख करोड़ रुपये

वर्ष 2022-23 में कुल अनुमानित व्‍यय : 39.45 लाख करोड़ रुपये

वर्ष 2022-23 में उधारी के अलावा कुल प्राप्तियां : 22.84 लाख करोड़ रुपये

चालू वित्‍त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.9 प्रतिशत (बजट अनुमानों में 6.8 प्रतिशत की तुलना में)

वर्ष 2022-23 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.4 प्रतिशत अनुमानित।

 

प्रत्यक्ष कर

स्थिर एवं संभावित कर व्यवस्था संबंधी नीति को आगे बढ़ाया जाएगा :

  • विश्वसनीय कर व्यवस्था स्थापित करने का दृष्टिकोण।
  • कर प्रणाली को सरल बनाना और मुकदमेबाजी को कम करना।

 

नई अद्यतनीकृत विवरणी का चलन शुरू करना

  • अतिरिक्त कर की अदायगी करके अद्यतन विवरणी दाखिल करने के लिए नया प्रावधान।
  • करदाता को आय के आकलन में की गई गलतियों को सुधार कर अद्यतन विवरणी दाखिल करने का अवसर मिलेगा।
  • अद्यतन विवरणी संबंधित आकलन वर्ष के अंत से दो वर्षों के भीतर दाखिल की जा सकती है।

 

सहकारी समितियां

  • सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम कर भुगतान को 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत किया गया।
  • सहकारी समितियों और कंपनियों के लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे।
  • उन सहकारी समितियों के लिए अधिभार की मौजूदा दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत किया गया, जिनकी कुल आमदनी एक करोड़ रुपये से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक है। 

दिव्यांगजनों को कर राहत

  • दिव्यांग आश्रितों को उनके माता-पिता/अभिभावकों के जीवनकाल के दौरान यानी माता-पिता/अभिभावकों के साठ वर्ष की आयु प्राप्त करने पर भी बीमा योजनाओं से वार्षिकी और एकमुश्त राशि की अदायगी की अनुमति।

राष्ट्रीय पेंशन योजना के योगदान में समानता

  • राज्य सरकार के कर्मचारियों के एनपीएस खाते में नियोक्ता के योगदान पर कर कटौती की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
  • इससे राज्य सरकार के कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों के समान सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी।
  • राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहन

  • कर प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए पात्र स्टार्टअप के निगमन की अवधि को एक साल बढ़ाकर 31.03.2023 तक करने का प्रस्ताव।
  • पहले निगमन की अवधि 31.03.2022 तक वैध। 

रियायती कर व्यवस्था के अंतर्गत प्रोत्साहन

  • धारा 115बीएबी के तहत विनिर्माण एवं उत्पादन शुरू करने की अंतिम तिथि को एक साल के लिए यानी 31 मार्च, 2023 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2024 कर दिया गया है।

वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों के कराधान के लिए योजना

  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए विशेष कर प्रणाली लागू की गई।
  • किसी भी वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय पर कर दी दर 30 प्रतिशत होगी।
  • इस प्रकार की आय की गणना करते समय अधिग्रहण लागत को छोड़कर को किसी भी खर्च अथवा भत्ते के लिए कटौती नहीं होगी।
  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण से हुए नुकसान की भरपाई किसी अन्य आय से नहीं की जा सकती।
  • लेन-देन के विवरण के लिए वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण के संबंध में किए गए भुगतान पर एक निश्चित मौद्रिक सीमा से ऊपर की रकम के लिए 1 प्रतिशत की दर से टीडीएस देय होगा।
  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के उपहार पर भी प्राप्तकर्ता के यहाँ कर देय होगा। 

 

मुकदमा प्रबंधन

  • यदि किसी मामले में कानून उसी तरह का हो जिससे संबंधित कोई मामला उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हो तो विभाग द्वारा अपील दायर करने की प्रक्रिया को अदालय द्वारा उस कानून के संबंध में फैसला दिये जाने तक टाल दिया जाए
  • करदाताओं और विभाग के बीच दोहरायी जाने वाली मुकदमेबाजी को कम करने में इससे काफी मदद मिलेगी।

 

आईएफएससी को कर प्रोत्साहन

  • निम्नलिखित को निर्धारित शर्तों के साथ कर से छूट प्रदान की गई :
  • विदेशी डेरीवेटिव प्रपत्रों से किसी प्रवासी को कोई आमदनी।
  • किसी विदेशी बैंकिंग इकाई द्वारा जारी काउंटर डेरीवेटिव्स से होने वाली आय।
  • जहाज के पट्टे से मिली रायलटी एवं ब्याज आय। 
  • आईएफएससी में पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं से प्राप्त आय।

 

अधिभार का यौक्तिकीकरण

  • एओपी (अनुबंध के निष्पादन के लिए गठित कंसोर्टियम) पर अधिभार की उच्चतम सीमा 15 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
  • व्यक्तिगत कंपनियों और एओपी के बीच अधिभार में अंतर को कम किया गया है।
  • किसी भी प्रकार की परिसंपत्ति के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घावधि पूंजीगत लाभ पर अधिभार की अधिकतम सीमा 15 प्रतिशत होगी।
  • इससे स्टार्ट-अप समुदाय को नुकसान मिलेगा।

 

स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर

  • आय और मुनाफे पर किसी भी अधिभार अथवा उपकर को कारोबारी खर्च की श्रेणी में रखने की अनुमति नहीं होगी।

 

कर-वंचन की रोकथाम

  • तलाशी एवं सर्वेक्षण कार्रवाइयों के दौरान पता लगे और प्रकट आए के संबंध में किसी भी प्रकार की हानि के प्रति समंजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

टीडीएस प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना

  • कारोबार को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत हित लाभ एजेंटों के हाथों में कर योग्य होते है, इसलिए लाभ एजेंटों तक अग्रसारित किया जाएगा।
  • हित लाभ देने वाले व्यक्ति द्वारा कर कटौती के लिए उपबंध करने का प्रस्ताव होगा, बशर्ते वित्त वर्ष के दौरान ऐसे हितलाभों का कुल मूल्य 20,000 रुपये से अधिक न हो।

अप्रत्यक्ष कर

जीएसटी में असाधारण प्रगति

  • वैश्विक महामारी के बावजूद जीएसटी राजस्व में उछाल है। इस बढ़ोतरी के लिए करदाता सराहना के पात्र है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र

  • एसईजेड का सीमा शुल्क प्रशासन पूरी तरह आईटी से संचालित होगा और कस्टम्स नेशनल पोर्टल पर कार्य करेगा, जिसे 30 सितंबर, 2022 से क्रियान्वित किया जाएगा।

सीमा शुल्क सुधार एवं शुल्क दर में बदलाव

  • फेसलेस सीमा शुल्क पूरी तरह स्थापित कर दिया गया है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान सीमा शुल्क संगठनों ने चपलता और संकल्प प्रदर्शित करते हुए सभी मुश्किलों के प्रति असाधारण फ्रंट लाइन कार्य किया है।

परियोजनागत आयात एवं पूंजीगत वस्तुएं

  • पूंजीगत वस्तुओं और परियोजनागत आयातों में रियायती दरों को क्रमिक रूप से हटाने और 7.5 प्रतिशत असाधारण शुल्क लगाने का प्रस्ताव। इससे घरेलू क्षेत्र और मेक इन इंडिया’ के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  • उन उन्नत मशीनरियों के लिए कतिपय छूट बनी रहेंगी, जिनका देश के भीतर विनिर्माण नहीं किया जाता है।
  • विशेषीकृत कॉस्टिंग्स, बॉल स्क्रू और लीनियर मोशन गाइड पर कुछेक छूट देने का चलन शुरू किया जा रहा है ताकि पूंजीगत वस्तुओं के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके।

सीमा शुल्क छूट एवं शुल्क सरलीकरण की समीक्षा

  • 350 से अधिक प्रस्तावित छूट प्रविष्टियों को धीरे-धीरे हटाए जाने का प्रस्ताव है। इनमें कई कृषि उत्पाद, रसायन, वस्त्र, चिकित्सा उपकरण और दवाएं शामिल हैं जिनके लिए पर्याप्त घरेलू क्षमता मौजूद है।

विशेषकर रसायन, कपड़ा और धातु जैसे क्षेत्रों के लिए सीमा शुल्क दर एवं शुल्क दर संरचना सरल हो जाएंगी और विवाद कम हो जाएगा। जो वस्तुएं भारत में विनिर्मित की जाती है या की जा सकती है उनके लिए छूट हटाने से और अर्धनिर्मित उत्पादों के विनिर्माण में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल पर रियायती शुल्क लगाने से मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत’ के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

 

क्षेत्र विशेष प्रस्‍ताव

इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स क्षेत्र

  • देश में पहनने वाले उपकरणोंसुने जा सकने वाले उपकरणों और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स स्‍मार्ट मीटरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने हेतु श्रेणीबद्ध दरें तय करने के लिए सीमा शुल्‍क दरों में संशोधन किया जाएगा।
  • देश में ज्‍यादा वृद्धि दर वाले इलेक्‍ट्रॉनिक वस्‍तुओं का निर्माण करने के लिए मोबाइल फोन के चार्जर के ट्रांसफॉर्मर के कलपुर्जों और मोबाइल कैमरा मॉड्यूल के कैमरा लेंस और कुछ अन्‍य वस्‍तुओं पर शुल्‍क में छूट दी जाएगी।

रत्‍न एवं आभूषण

  • रत्‍न व आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों और रत्‍न पत्‍थरों पर सीमा शुल्‍क घटाकर 5 प्रतिशत किया जा रहा हैकेवल तराशे गए हीरे पर कुछ भी सीमा शुल्‍क नहीं लगेगा।
  • ई-कॉमर्स के जरिए आभषूण निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए एक सरल नियामकीय रूपरेखा इस वर्ष जून तक लागू की जाएगी।
  • कम मूल्‍य वाले इमिटेशन आभूषण का आयात हतोत्‍साहित करने के लिए इमिटेशन आभूषण के आयात पर प्रति किलो कम-से-कम 400 रुपये का सीमा शुल्‍क लगाया जाएगा।

 

रसायन

  • कुछ महत्‍वपूर्ण रसायनों यथा मेथानॉलएसि‍टिक एसिड और पेट्रोलियम शोधन से जुड़े हेवी फीड स्‍टॉक पर सीमा शुल्‍क घटाया जा रहा हैदेश में पर्याप्‍त क्षमता वाले सोडियम साइ‍नाइड पर सीमा शुल्‍क बढ़ाया जा रहा है- इससे देश में मूल्‍यवर्धन करने में मदद मिलेगी।

एमएसएमई

  • छतरी पर सीमा शुल्‍क बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जा रहा है। छतरी के कलपुर्जों पर दी जा रही शुल्‍क छूट को वापस लिया जा रहा है।
  • भारत में निर्मित किए जाने वाले कृषि क्षेत्र से जुड़े कलपुर्जों पर दी जा रही शुल्‍क छूट को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।
  • पिछले साल स्‍टील स्‍क्रैप पर दी गई सीमा शुल्‍क छूट अब एक साल और दी जाएगीताकि एमएसएमई से जुड़े द्वितीयक इस्‍पात उत्‍पादकों को राहत मिल सके।
  • स्‍टेनलेस स्‍टील एवं इस्‍पात के कोटेड चौरस उत्‍पादोंएलॉय स्‍टील एवं हाई-स्‍पीड स्‍टील की छड़ों पर कुछ एंटी-डंपिंग शुल्‍क एवं सीवीडी को वापस लिया जा रहा हैताकि जन हित में इस धातु की मौजूदा ऊंची कीमतों से निपटा जा सके।

निर्यात

  • निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ वस्‍तुओं जैसे कि फास्‍टनर्सबटनजि‍परलाइनिंग मैटेरियलविशेष चमड़ाफर्नीचर फिटिंग्स एवं पैकेजिंग बॉक्‍स पर छूट दी जा रही हैं।
  • झींगा जलीय कृषि के लिए आवश्‍यक कुछ कच्‍चे माल पर शुल्‍क घटाया जा रहा हैताकि इसके निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।

ईंधन के मिश्रण को बढ़ावा देने के लिए शुल्‍क संबंधी उपाय

गैर-मिश्रित ईंधन पर 1 अक्‍टूबर, 2022 से प्रति लीटर 2 रुपये का अतिरिक्‍त विभेदक उत्‍पाद शुल्‍क लगेगाताकि ईंधन के मिश्रण को बढ़ावा दिया जा सके।