Friday, December 3, 2021

क्यों बोले राकेश पठानिया कि आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगीं

 
राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 03 दिसंबर 2021 
शुक्रवार को नूरपुर विकास खंड के तहत लोहारपुरा पंचायत के सराड़पुरा तथा सुल्याली के बारड़ी गॉंव में जनसंवाद कार्यक्रमों में भाग लेते हुए वन, युवा सेवाएं एवम खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि हर घर को नल से जल और हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। 
 
वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि नवगठित लोहारपुरा पंचायत में विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं रखी जायेगी। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर बोलते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है तथा क्षेत्र का समग्र व संतुलित विकास उनकी उच्च प्राथमिकता है।
वन मंत्री ने फिन्ना सिंह सिंचाई योजना पर बोलते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस नहर के बनने से क्षेत्र में खुशहाली व आर्थिक समृद्धि आएगी तथा आने वाली पीढ़ियां भी इस परियोजना को याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई योजनाओं पर नूरपुर में करोड़ों रुपए की लागत से चेकडैम का भी निर्माण किया जा रहा है।
वन मंत्री ने कहा कि लोहारपुरा पंचायत में 30 लाख रुपए की लागत से पंचायत घर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने जमीन का चयन होने पर शीघ्र भवन का शिलान्यास करने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत लाभार्थियों को इंडक्शन चूल्हे भी वितरित किये। उन्होंने सभी लोगों से अपने-अपने श्रम कार्ड बनवाने की अपील की ताकि हर गरीब को बोर्ड की योजनाओं का लाभ मिल सके।
इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया। उन्होंने शेष समस्याओं के शीघ्र समाधान के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। पठानिया ने बारडी गॉंव के चौथी कक्षा के बच्चे आयुष शर्मा द्वारा कविता प्रस्तुत करने पर अपनी ओर से 1100 रुपए की नकद प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।
 इस मौके पर उन्होंने बारडी गांव में सड़क के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 20 लाख रुपए, 35 सोलर लाइटें लगाने के अतिरिक्त ठेहर में बिजली की समस्या को दूर करने के लिए थ्री फेज लाइन बिछाने की भी घोषणा की । इसके अतिरिक्त गांव में उचित जगह उपलब्ध होने पर पार्क बनाने की भी घोषणा की।

जूनियर टी-मेट पदनाम समाप्त

 
(समाचारहिमाचल) 03 दिसंबर 2021
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शुक्रवार को भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों और श्रमिक वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले लगभग चार वर्षों के दौरान दिहाड़ीदारों की न्यूनतम दिहाड़ी को 210 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति दिन किया है जिससे उनके मासिक मजदूरी में 2700 रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत श्रमिकों को पर्याप्त मजदूरी प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी दिहाड़ीदारों को साप्ताहिक अवकाश दिया जा रहा है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उनके परिश्रम और समर्पण के फलस्वरूप ही हिमाचल प्रदेश शत प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में देश का पहला राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1,750 रुपये की वृद्धि की है। प्रदेश सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 2,850 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है और आज वे प्रतिमाह 7300 रुपये प्राप्त कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड और निगमों की सेवा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करवाई जाएगी ताकि कर्मचारियों से संबंधित लंबित मामलों का समाधान किया जा सके। सीमेंट प्लांट प्रबंधन द्वारा श्रमिकों का शोषण रोकने के लिए प्रदेश सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि काॅन्ट्रेक्टर के माध्यम से सीमेंट प्लांट और अन्य औद्योगिक इकाइयों में कोर सेवाओं की अनुमति प्रदान की जाएगी।
 
जय राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश के लगभग दो साल प्रभावित हुए हैं इस दौरान प्रदेश सरकार ने श्रमिकों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं ताकि उन्हें किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से बाहर निकलने में प्रदेश सरकार का सहयोग करने में बीएमएस ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि बीएमएस की सभी जायज मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा और उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। हाल ही में आयोजित हुई जेसीसी की बैठक में कर्मचारी एवं श्रमिक वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अगले बजट सत्र से पूर्व बीएमएस की बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की काफी समय से लम्बित समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीस मील श्रमिकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य श्रेणियों के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों से संबंधित उनके द्वारा की गई घोषणाओं को शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में जूनियर टी-मेट के पदनाम को समाप्त कर इसे बदलकर टी-मेट कर दिया जाएगा।
 
इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के अध्यक्ष मदन राणा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों और कामगारों की विकासात्मक मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मजदूरों और श्रमिक वर्ग की विकासात्मक मांगों पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से आशा कार्यकर्ताओं, टेलरिंग शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक स्थायी नीति बनाने का भी आग्रह किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मजदूरी प्रदान करने का भी आग्रह किया।
श्रम आयुक्त रोहित जमवाल ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया और धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रम एवं रोजगार आर.डी. धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सी. शर्मा, सचिव डाॅ. अजय शर्मा, संदीप भटनागर, राजीव शर्मा और अमिताभ अवस्थी, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, सुरेंद्र ठाकुर, महासचिव बीएमएस यशपाल हेटा, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित अन्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

जसूर: अब एक स्कूटी चोरी, नहीं थम रहे दोपहिया वाहन चोरी के मामले

राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 02 दिसंबर 2021 
उपमंडल नूरपुर के प्रमुख व्यपारिक कस्वा जसूर में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। ताज़ा मामले में गत शाम छतरोली निवासी बलदेव सिंह पठानिया की स्कूटी पर वाहन चोरों ने हाथ साफ कर दिया। बलदेव सिंह पठानिया जसूर में अपनी स्कूटी खड़ी करके अपने दोस्त के साथ किसी काम के सिलसिले में गारन की तरफ गए थे। लेकिन जब लगभग एक घंटे बाद वे बापिस आये तो स्कूटी अपने स्थान से गायब थी। उन्होंने आसपास हर जगह पता किया लेकिन स्कूटी का कोई अता पता नहीं चल सका। 
बलदेव सिंह पठानिया ने स्कूटी चोरी के संबंध में नूरपुर थाने में मामला दर्ज़ करवाया है। वाहन चोरी के बाद हर बार की तरह इस बार भी कंडवाल पुलिस नाके पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। नूरपुर थाना प्रभारी कल्याण सिंह ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है। चोरों का पकड़ने का हर संभव प्रयास किया जायेगा। 

Thursday, December 2, 2021

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए करना पड़ेगा 50 साल का इंतज़ार : अजय महाजन

राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 02 दिसंबर 2021 

प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लोगों अकेले नूरपुर क्षेत्र के ही आवेदन कर्ताओं को 50 साल मकान का इंतजार करना पड़ेगा। नूरपुर विधानसभा क्षेत्र से करीब 5870 लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जियो टैगिंग के तहत दर्ज किए गए थे, लेकिन अब तक लगभग 112 मकान ही स्वीकृत हुए हैं जो कि प्रति पंचायत लघभग अढ़ाई मकान अब तक स्वीकृत हुए हैं। इस हिसाब से पूरी नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के पात्र लोगों को उक्त योजना के तहत अपने के लिए 50 साल का इंतज़ार करना पड़ सकता है। यह कहना है जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन का। 
उन्होंने कहा कि नूरपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लोगों के लिए की गई जियो टैगिंग मजाक का विषय बन कर रह गई है। प्रति पंचायत सैकड़ों कच्चे मकान वाले पात्र लोगों ने आवेदन किए थे। लेकिन हालात यह  2019 में लोकसभा चुनावों से पहले की गई जिओ टैगिंग के बाद से अब तक औसतन अढ़ाई मकान प्रति पंचायत पंजीकृत हुए हैं जो कि गरीब लोगों के साथ भद्दा मजाक है और भाजपा के और और बड़ा जुमला साबित हुई है। 
महाजन ने वन मंत्री राकेश पठानिया की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कि गत वर्ष वन मंत्री पठानिया ने नूरपुर में सार्वजनिक मंच से कहा था कि वह नूरपुर क्षेत्र के लिए 5000 मकान लेकर आए हैं तो वह मकान लोगों को अभी तक आवंटित क्यों नहीं हुए? महाजन ने कहा कि अब इस प्रक्रिया में अपने आप को सच्चा साबित करने के लिए सबसे ज्यादा पंचायत प्रधानों को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया जा रहा है, यदि सरकार के आदेश पर पात्र लोगों के आवेदन जियो टैगिंग के माध्यम से लिए गए तो नाममात्र स्वीकृति के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के सर पर दोष मढ़ने का प्रयास करना सरासर गलत है। 
महाजन ने मांग की है कि सरकार उक्त योजना के तहत जारी हुई बजट राशि के लिए श्वेत पत्र जारी करें ताकि असलियत जनता के सामने आ सके। इस अवसर पर राजीव रज्जू, शाम लाल,  देशराज, अमित, सुमेश, बकील सिंह सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को दी बधाई

(समाचारहिमाचल) 02 दिसंबर 2021 
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को उनके 61वें जन्मदिन पर दूरभाष के माध्यम से बधाई दी है।
जय राम ठाकुर ने उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने जगत प्रकाश नड्डा को पार्टी को प्रेरक नेतृत्व प्रदान करने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का सौभाग्य है कि हिमाचल का धरती पुत्र विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व कर रहा है।

Tuesday, November 30, 2021

🔴हिमाचल प्रदेश मंत्रिमण्डल के निर्णय: जानिए सभी बड़े और अहम फैसले



मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के स्थान पर लिपिक के 100 पद भरने तथा वर्ष 2022 और 2023 में संभावित रिक्तियों के दृष्टिगत लिपिक के 50 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की।

जानकारी:1 से 16 दिसंबर तक लगेंगे विशेष कृत्रिम अंग फिटमेंट कैंप

(समाचारहिमाचल) 30 नवंबर 2021

हिमाचल प्रदेश में 1 से 16 दिसंबर तक विशेष कृत्रिम अंग फिटमेंट कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। अधिकारिता अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विशेष रूप से सक्षम के अधिकारिता निदेशालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों को सहायता और उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए विभाग द्वारा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर के माध्यम से विशेष कृत्रिम अंग फिटमेंट शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। यह शिविर 1 दिसंबर से 16 दिसंबर तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों शिमला, मंडी और कांगड़ा में आयोजित किए जाएंगे। शिविरों का आयोजन कृत्रिम अंगों की आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिमला के आरटीओ कार्यालय के निकट होटल फ्रीहिल में 1 दिसम्बर, 2021 को प्रातः 9 बजे से 3 बजे तक किन्नौर और सिरमौर जिले के लोगों के लिए यह शिविर आयोजित किया जाएगा, जबकि 2 दिसंबर को जिला सोलन और कुल्लू (आनी, निरमंड तहसील) के लोगों के लिए और 3 दिसंबर, 2021 को जिला शिमला के लोगों के लिए इसी स्थान पर शिविर का आयोजन किया जाएगा। शेष कार्य एवं समापन 4 दिसम्बर, 2021 को प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा।
इसी प्रकार, जिला कांगड़ा के यात्री सदन में 7 दिसम्बर को प्रातः 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक जिला चम्बा एवं हमीरपुर के लाभार्थियों के लिए, जिला ऊना के लाभार्थियों के लिये 8 व 9 दिसम्बर को, जिला कांगड़ा के लाभार्थियों के लिये 9 दिसम्बर 2021 को यह शिविर आयोजित किया जाएगा। शेष कार्य एवं समापन 10 दिसम्बर 2021 को प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जायेगा।
यह शिविर जिला मण्डी के व्यास सदन में 13 दिसम्बर, 2021 को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक जिला लाहौल स्पीति एवं कुल्लू (आनी एवं निरमंड तहसील को छोड़कर) के लाभार्थियों के लिए आयोजित किया जाएगा और 14 दिसम्बर को बिलासपुर के व्यक्तियों के लिये, 15 दिसम्बर को मण्डी के लाभार्थियों के लिए तथा 16 दिसम्बर को शेष कार्य एवं समापन प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जायेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि कृत्रिम अंग प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है और इच्छुक व्यक्ति संबंधित जिला कल्याण अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।


Monday, November 29, 2021

एचआरटीसी पीस मील वर्कर्स की मांगे ना माने जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन टूल डाउन स्ट्राइक

राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 29 नवंबर 2021
एचआरटीसी पीस मील वर्कर्स ने अपनी मांगे ना माने जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन टूल डाउन स्ट्राइक शुरू कर दी है। सोमवार को जसूर स्थित एचआरटीसी वर्कशॉप में पीस मील वर्कर्स ने भी टूल डाउन स्ट्राइक शुरू कर अपना विरोध दर्ज किया। वर्कर यूनियन के सदस्य राजिंदर पठानिया ने बताया कि इससे पहले सरकार ने उन्हें अनुबंध के दायरे में लाने का आश्वासन दिया था लेकिन आज दिन तक उस पर कोई कारवाई नही की गई। 
उन्होंने बताया कि 26 अगस्त को परिवहन मंत्री ने पीस मील कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को शिमला बुलाया था और उस समय आश्वासन दिया था कि दो सप्ताह में पीस मील कर्मचारियों की मांगे पूरी कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि उसके बाद फिर उन्हें परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर ने कहा कि दीवाली तक सभी पीस मील कर्मचारियों को अनुबंध में ले लिया जाएगा लेकिन यहां भी कर्मचारियों को धोखा ही मिला। 
राजिंदर पठानिया ने कहा कि 26 नवम्बर को हुई जेसीसी की बैठक में भी पीस मील कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि उनकी मांग में ली जाएगी। लेकिन यहां भी कर्मचारियों को ठगा गया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से कर्मचारियों को आज मजबूरन टूल डाउन स्ट्राइक करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार एचआरटीसी पीस मील वर्कर्स को अनुबंध पर नही लाती है तब तक यह टूल डाउन स्ट्राइक जारी रहेगी। 

हिमाचल सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच ने किया सरकार के प्रति रोष व्यक्त

राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 29 नवंबर 2021
हिमाचल सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच द्वारा सोमवार को जसूर एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सरकार द्वारा उनकी मांगे ना माने जाने को लेकर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया गया। वहीँ इस मौके पर नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया।
इस बारे अधिक जानकारी देते हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाल पठानिया ने बताया की परिवहन निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की हिमाचल सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। इसे लेकर हमीरपुर में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सरकार के खिलाफ रणनीति बनाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 को इस सरकार के खिलाफ आंदोलन वर्ष के तौर पर मनाया जाएगा। 
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था की परिवहन निगम सेवानिवृत्त कर्मचारियों की स्थाई पेंशन का मुद्दा सुलझाएंगे, लेकिन 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस सरकार ने उदासीन रवैया अपनाते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देय भत्ते नहीं दिए हैं, जिन्हें लेकर अब सेवानिवृत्त कर्मचारी आंदोलन करेंगे और सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी मांगें मानने के लिए बाध्य किया जाएगा।
इस मौके पर जोगिंद्र सिंह, ईश्वर सिंह, शाम सिंह, निर्मल सिंह, हंस राज, तिलक राज, बिधि सिंह, केवल सिंह, दौलत राम, सुभाष सिंह, बूटा राम, विपिन शर्मा सहित अन्य सेवानीवर्त कर्मचारी मौजूद रहे।

राकेश पठानिया ने सुखार पंचायत को भेंट की लाखों की सौगात

राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 29 नवंबर 2021





Sunday, November 28, 2021

नूरपुर के पास HRTC बस और टिप्पर के बीच भिड़ंत

राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 28 नवंबर 2021 
पठानकोट मण्डी राष्ट्रीय राजमार्ग 154 स्थित पर नूरपुर और बौड़ के बीच हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस और एक टिप्पर के बीच आमने सामने भिड़ंत हो गई। 

भलून में व्यक्ति से 415 ग्राम चरस बरामद: मामला दर्ज

राकेश शर्मा (समाचारहिमाचल) 28 नवंबर 2021

स्टेट नारकोटिक्स सेल कांगड़ा की टीम द्वारा पुलिस थाना क्षेत्र नूरपुर के तहत भलून गॉंव में एक व्यक्ति से 415 ग्राम चरस बरामद करने में सफलता हासिल की है।

Saturday, November 27, 2021

अनुबंध कर्मचारियों की बल्ले बल्ले: मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने की घोषणा

(समाचारहिमाचल) 27 नवंबर 2021  
अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण की अवधि तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने की घोषणा
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए राज्य के कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2016 से नया वेतनमान प्रदान करने और जनवरी, 2022 का वेतन संशोधित वेतनमान के अनुसार फरवरी, 2022 में देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी 1 जनवरी, 2016 से संशोधित पेंशन और अन्य पेंशन लाभ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संशोधित वेतनमान और संशोधित पेंशन/पारिवारिक पेंशन पर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए वेतनमान और संशोधित पेंशन से राज्य के कोष पर सालाना 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ेगा।
जय राम ठाकुर ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 5 मई, 2009 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार 15 मई, 2003 से नई पेंशन प्रणाली (इनवेलिड पेंशन और फैमिली पेंशन) के कार्यान्वयन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के कोष पर करीब 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण की अवधि तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों, अंशकालिक कामगारों, जल रक्षकों और जलवाहकों आदि के संबंध में नियमितीकरण/दैनिक वेतनभोगी के रूप में रूपान्तरण के लिए भी एक-एक वर्ष की अवधि कम की जाएगी।
उन्होंने लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करूणामूलक आधार पर नियुक्ति के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जायेगी। यह समिति आगामी मंत्रिमण्डल बैठक में अपनी प्रस्तुति देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी एवं अनुबंध कर्मचारियों को जनजातीय भत्ता देने पर भी विचार करेगी।
जय राम ठाकुर ने कहा कि एनपीएस कर्मचारियों को अब पेंशन निधि चुनने की स्वतंत्रता होगी, जिससे उनके निवेश पर बेहतर रिटर्न सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अब तक इन कर्मचारियों को सरकार द्वारा चुनी गई पेंशन निधि में ही निवेश अनिवार्य था। उन्होंने कहा कि सभी एनपीएस कर्मचारियों को डीसीआरजी लाभ प्रदान किया जा रहा है और अब सरकार ने 15 मई, 2003 से 22 सितम्बर, 2017 तक इस लाभ से वंचित एनपीएस कर्मचारियों को ग्रेच्युटी प्रदान करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में कर्मचारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा हैं। कर्मचारियों की परिश्रम, समर्पण और प्रतिबद्धता के कारण ही हिमाचल आज देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या और कर्मचारी अनुपात के मामले में भी हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और हिमाचल भी इसका अपवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने इस महामारी से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और राज्य इस संकट से सफलतापूर्वक बाहर निकलने में सफल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने कुल बजट का लगभग 43 प्रतिशत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर व्यय कर रही है, जो कि छठे वेतन आयोग के लागू होने के बाद 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग चार वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए में 22 प्रतिशत की वृद्धि की है और उन्हें 1320 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें 12 प्रतिशत अंतरिम राहत की दो किस्तें भी प्रदान की गईं, जिससे कर्मचारियों को लगभग 740 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त एवं कार्मिक प्रबोध सक्सेना ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों में हिमाचल प्रदेश केरल के बाद दूसरा राज्य है।
राज्य एनजीओ फेडरेशन के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के कुशल नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों का कल्याण सुनिश्चित किया है और कर्मचारियों ने अविलम्ब अपने सभी देय लाभ प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान भी, प्रदेश सरकार ने कई अन्य राज्यों के विपरीत यह सुनिश्चित किया कि कर्मचारियों को उनका वेतन और बकाया समय पर मिले।
राज्य एनजीओ फेडरेशन के महासचिव राजेश शर्मा ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से सम्बन्ध रखने वाले मुख्यमंत्री आम आदमी की कठिनाइयों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि कर्मचारी राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे।
मुख्य सचिव राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता, आर.डी. धीमान और जे.सी. शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, रजनीश और सुभाशीष पांडा, सचिव देवेश कुमार, अमिताभ अवस्थी, डाॅ. अजय शर्मा, अक्षय सूद सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।